कोरोना से बचाव के लिए बूस्टर डोज की जरूरत पर चल रहा विचारः केंद्र सरकार

253

नयी दिल्ली : केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरोना से बचाव के लिए बूस्टर डोज की जरूरत पर विचार चल रहा है। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में कहा है कि बूस्टर डोज के बारे में विशेषज्ञ वैज्ञानिक विश्लेषण कर विचार कर रहे हैं।

Advertisement

केंद्र सरकार ने कहा है कि नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑन इम्युनाइजेशन और नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड-19 बूस्टर डोज के तकनीकी पहलुओं पर विचार कर रही है। विशेषज्ञों की टीम कोरोना से बचाव के लिए दिए जाने वाले विभिन्न वैक्सीन, उनके बीच का अंतराल इत्यादि पर विचार कर रहे हैं। इस पर कुछ समय के बाद ही फैसला किया जाएगा।

25 नवंबर को हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या कोरोना से बचाव के लिए बूस्टर डोज लेना जरूरी है। जस्टिस विपिन सांघी की अध्यक्षता वाली बेंच ने केंद्र सरकार से पूछा था कि अगर बूस्टर डोज लेना जरूरी है तो उसकी टाइमलाइन क्या है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वो इस संबंध में हलफनामा दाखिल करे कि कोरोना से बचाव के लिए बूस्टर डोज जरूरी है कि नहीं। अगर बूस्टर डोज की जरूरत है तो उसे आरोग्य-सेतु ऐप पर कब से शुरू किया जाएगा। कोर्ट ने कहा था कि पश्चिमी देशों में बूस्टर डोज की वकालत की जा रही है। कोर्ट ने पूछा था कि क्या जिन लोगों ने कोरोना के दोनों वैक्सीन लगवा रखी है उन्हें बूस्टर डोज की जरूरत है।

कोर्ट ने चिकित्सकों की इस राय को नोट किया था कि धीरे-धीरे रोग प्रतिरोधक क्षमता खत्म हो रही है। ये आम लोगों के लिए चिंता का विषय है खासकर बुजुर्गों या उन्हें जिन्हें दूसरी बीमारियां हैं। वे ये जानना चाहते हैं कि उनके लिए बूस्टर डोज जरूरी है कि नहीं। कोर्ट ने इस तथ्य पर गौर किया था कि वैक्सीन का बड़ी मात्रा में इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। सुनवाई के दौरान एमिकस क्युरी राजशेखर राव ने दिल्ली सरकार की वेबसाइट delhifightscorona.in की कार्यप्रणाली से कोर्ट को अवगत कराया। कोर्ट ने इस वेबसाइट के काम को लेकर दिल्ली सरकार से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।

Advertisement

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here