राम नगरी से चुनाव लड़ेंगे भगवाधारी योगी

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CM Yogi Aadityanath
  • केशव प्रसाद मौर्य, दिनेश शर्मा समेत अन्य दिग्गज भी लड़ेंगे चुनाव
  • राम मंदिर निर्माण और हिन्दुत्व के साथ विकास का देंगे संदेश

लखनऊ : भारतीय जनता के करीब सभी बड़े नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केशव प्रसाद मौर्य, डॉ. दिनेश शर्मा समेत कई अन्य नेताओं को पार्टी ने चुनाव लड़ाने जा रही है। खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या सीट से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। केन्द्रीय नेतृत्व योगी को राम नगरी से चुनाव लड़ाने पर सहमत है। हालांकि चुनाव समिति की मुहर लगने के उपरांत इसकी घोषणा कर दी जाएगी।

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भारतीय जनता पार्टी के एक ऐसे चेहरा हैं जो पार्टी के सभी वसूलों और दावों पर फिट बैठते हैं। राम राज्य स्थापित करना, सबका साथ सबका विकास के नारे पर काम करना और ईमानदार सरकार देने का भाजपा का दावा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरक्ष पीठाधीश्वर के नाते सम्पूर्ण हिन्दू समाज को बांधने में मददगार हैं। सांसद रहने से लेकर मुख्यमंत्रित्व काल तक उन पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं है। योगी सरकार ने अयोध्या, काशी और मथुरा का विकास कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अब भी विकास कार्य जारी है। ऐसे में भाजपा योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ाकर साफ-साफ विकास के साथ हिन्दुत्व का संदेश देना चाह रही है।

योगी को चुनाव लड़ाने की मांग कई जगहों से की गयी है। मीडिया के विभिन्न मंचों से जब उन स्थानों को लेकर योगी से पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव तो लड़ेंगे लेकिन कहां से लड़ेंगे, यह तय करने का काम पार्टी का है। अस्सी के दशक से जिस आंदोलन को भाजपा आगे बढ़ा रही थी, आज वह राम मंदिर निर्माण के रूप में साकार हो रहा है। भाजपा के रणनीतिकारों का मानना है कि योगी के अयोध्या से चुनाव लड़ने से समाज के बड़े वर्ग तक मंदिर निर्माण का संदेश जाएगा। भाजपा का सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, हिन्दुत्व और विकासवाद का मुद्दा जीवंत रहेगा।

राजनीतिक विश्लेषक डॉ. सौरभ मालवीय भी मानते हैं कि योगी के अयोध्या से चुनाव लड़ने से भाजपा के लिए बेहतर माहौल बनेगा। उन्होंने कहा कि योगी की छवि एक मंदिर से निकली हुई है। वह संन्यासी हैं। धर्मस्थल का होना भाजपा और योगी, दोनों को भाता है। ऐसे में योगी अयोध्या से चुनाव लड़ते हैं तो राजनीतिक दृष्टि से भाजपा को लाभ दिख रहा है। इससे एक मूवमेंट बनेगा, माहौल खड़ा होगा। केन्द्र और राज्य में भाजपा की सरकार है। कोर्ट ने मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया। इन दोनों सरकारों की मौजूदगी में मंदिर निर्माण हो रहा है। जनसंघ काल से लेकर भाजपा के समय तक सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और हिन्दुत्व का एजेण्डा रहा है। उस पर मंदिर निर्माण की बात होती रही है। निश्चित तौर पर योगी के रामनगरी से चुनाव लड़ने पर 2022 के लिए ही नहीं वरन 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भी माहौल बनता दिखाई दे रहा है।

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