कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से शुरू होगा और 30 नवंबर तक चलेगा। इससे पहले अगले सप्ताह में विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी एक सर्वदलीय बैठक और लोक लेखा समिति की बैठक करेंगे।

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राज्य के संसदीय मामलों के मंत्री शोभनदेव चट्टोपाध्याय के अनुसार सदन में पेश किए जाने वाले विधेयकों या प्रस्तावों को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। चट्टोपाध्याय ने कहा, “16 नवंबर को लोक लेखा समिति की बैठक के बाद ही हम कह सकते हैं कि शीतकालीन सत्र के दौरान कौन से विधेयक पेश किए जाएंगे या सदन में कौन से कार्य होंगे।” उन्होंने विपक्ष से सत्र का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने की अपील की।

हालांकि, विपक्षी भाजपा ने कहा कि यह ट्रेजरी बेंच है, जिसे यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि विपक्ष को सदन में अपना स्थान मिले। भाजपा के वरिष्ठ विधायक मिहिर गोस्वामी ने कहा कि सत्तारूढ़ दल में विपक्ष के प्रति कोई सम्मान नहीं है। वह सदन को मनमाने ढंग से चलाना चाहते हैं। राज्य सरकार से संबंधित ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की हमारी मांगों को ज्यादातर मौकों पर नजरअंदाज किया जाता है।

इस साल की शुरुआत में पश्चिम बंगाल विधानसभा सत्र के दौरान सदन में काफी हंगामा हुआ था। मार्च में बजट सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के विधायक जमकर विरोध प्रदर्शन करते नजर आए थे। बीरभूम हत्याकांड पर गरमागरम बहस के दौरान दोनों पक्षों के सदस्यों ने हाथापाई की थी जिसके बाद कई सदस्यों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

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