कोलकाता : पश्चिम बंग हिंदी भाषी समाज ने शनिवार संस्था की पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष, कलकत्ता विश्वविद्यालय केन्द्रीय छात्र संसद की पहली हिंदी भाषी महासचिव और जयपुरिया कॉलेज (प्रातः) के हिंदी विभाग की अध्यक्ष प्रोफेसर रेखा सिंह की श्रद्धांजलि सभा राममोहन हाल कोलकाता में आयोजित की ।

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पश्चिम बंग हिंदी भाषी समाज के प्रधान संरक्षक मोहम्मद सलीम ने रेखा सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि एक प्रभावी वक्ता, आरंभ की संयुक्त सचिव, कलकत्ता विश्वविद्यालय में एस एफ आई की यूनिट सचिव, कलकत्ता विश्वविद्यालय के केन्द्रीय छात्र संसद की पहली हिंदी भाषी महासचिव, छात्र -युवा आंदोलन की नेता, लेखक -पत्रकार और कॉलेज में अध्यापक रेखा सिंह को हम याद कर रहे हैं।रेखा सिंह राजनीतिक और गैर राजनीतिक दोनों मोर्चों पर सक्रिय थीं। आज जब भाषा और धर्म के नाम पर लोगों को बाँटा जा रहा है तब पश्चिम बंग हिंदी भाषी समाज के प्रस्ताव में कहा गया है कि रेखा सिंह की याद में प्रत्येक साल पूरे पश्चिम बंगाल में वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, यह लोगों के बीच एकजुटता का काम करेगा। रेखा सिंह वाद-विवाद प्रतियोगिता में अन्याय, असत्य और शोषण के खिलाफ न्याय, सच और समानता के पक्ष में बोलती थीं, आज ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि कोई प्रश्न नहीं कर सके। लोकतंत्र का मतलब है बहस से निर्णय लेना। मानव सभ्यता के इतिहास में साहित्य, धर्म, विज्ञान, राजनीतिक दर्शन में पहले प्रश्न उठे हैं फिर उत्तर मिला है।

प्रत्येक साल विद्यार्थी और नौजवानों के बीच पूरे राज्य में एस एफ आई और डी वाई एफ आई के नेतृत्व को जोड़कर एक से ज्यादा भाषाओं में वाद- विवाद प्रतियोगिता आयोजित करने से यह भाषाओं के बीच पुल बनाने का काम करेगा और रेखा सिंह के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

एस एफ आई के पूर्व छात्र नेता तरुण बनर्जी ने कलकत्ता विश्वविद्यालय में पढ़ते समय रेखा सिंह की सांगठनिक प्रतिभा के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि वह हमेशा प्रश्न करती थीं, एक छोटे से हिंदी विभाग से कलकत्ता विश्वविद्यालय केन्द्रीय छात्र संसद की महासचिव बनना ऐतिहासिक घटना थी।

डी वाई एफ आई, पश्चिम बंगाल के पूर्व सचिव रबीन देब और आभास राय चौधरी ने रेखा सिंह के सांगठनिक व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। पश्चिम बंग हिंदी भाषी समाज के पहले अध्यक्ष रतन शाह ने कहा कि ज्ञान भारती बालिका विद्यालय का सचिव रहते समय ही रेखा सिंह के वाद विवाद प्रतियोगिता में रेखा सिंह की सफलता के बारे में प्रिंसिपल प्रीति घोष बताती थीं।

प्रोफेसर गीता दूबे, प्रोफेसर इतु सिंह, प्रोफेसर ज्योत्सना पांडेय, प्रकाश जायसवाल ने अपने वक्तव्य में रेखा सिंह को याद करते हुए श्रद्धांजलि दी। सभा में पश्चिम बंगाल पुलिस के पूर्व महानिदेशक दिनेश बाजपेयी ने शोक संदेश भेजा।
आर्य कन्या विद्यालय की शिक्षक सुनीता श्रीवास्तव ने शोक प्रस्ताव का पाठ किया। शोक प्रस्ताव में कहा गया कि कोलकाता के वामपंथी छात्र युवा आंदोलन की जब भी चर्चा होगी रेखा सिंह के ऐतिहासिक योगदान को याद किया जाएगा। पश्चिम बंग हिंदी भाषी समाज के संयोजक अशोक सिंह ने इस सभा का संचालन किया।

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