मुक्ति युद्ध की 50वीं वर्षगांठ पर ‘विजय गाथा’ शो आयोजित

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कोलकाता : पाकिस्तान के खिलाफ 1971 के युद्ध में शानदार विजय की 50वीं वर्षगांठ पर गुरुवार शाम (16 दिसंबर) को विक्टोरिया मेमोरियल में स्वर्णिम विजय गाथा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके पहले दिन के समय फोर्ट विलियम स्थित सेना की पूर्वी कमान मुख्यालय में मुक्ति युद्ध के शहीदों को पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। उसके बाद शाम को विक्टोरिया मेमोरियल में आयोजित लाइट एंड साउंड शो और मिलिट्री बैंड कंसर्ट आदि के जरिए 1971 के योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी गई, जिन्होंने पाकिस्तानी सैनिकों के दांत खट्टे कर दिए थे।

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इस खास कार्यक्रम के लिए सेना की ओर से हिंदी, बांग्ला और अंग्रेजी में तीन डॉक्यूमेंट्री तैयार की गई थी जिसमें 1971 के भीषण युद्ध में भारतीय सैनिकों की बहादुरी को शानदार तरीके से फिल्माया गया है।

1971 में इसी दिन पाकिस्तान के साथ युद्ध में भारत को ऐतिहासिक जीत मिली थी, जब 93 हजार पाकिस्तानी सैनिकों ने भारतीय सेना और बांग्लादेशी मुक्ति योद्धाओं के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। इसी युद्ध के बाद पूर्वी पाकिस्तान आजाद हो गया और बांग्लादेश के रूप में एक नए राष्ट्र का उदय हुआ था।

पहले हर साल सेना की ओर से कोलकाता में 12-13 दिसंबर से ही तीन-चार दिनों तक विजय दिवस समारोह बड़े धूमधाम से मनाया जाता था। इसके तहत शानदार मिलिट्री टैटू, एयर शो, मिलिट्री बैंड कंसर्ट आदि विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए भारतीय सेना 1971 के योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ अपनी ताकत का हर साल प्रदर्शन करती है। इस बार 1971 के मुक्ति युद्ध में मिली विजय के 50 साल पूरे हुए हैं, ऐसे में और भव्य तरीके से विजय दिवस समारोह यहां मनाने की तैयारी थी, लेकिन कुछ दिनों पहले दुर्भाग्यपूर्ण हेलीकाप्टर दुर्घटना में सीडीएस जनरल बिपिन रावत समेत अन्य अधिकारियों के निधन की घटना के बाद इसे सादगी से मनाने का निर्णय लिया गया।

उल्लेखनीय है कि पूर्वी सेना कमान के नेतृत्व में ही 1971 का युद्ध लड़ा गया था। ऐसे में पूर्वी कमान के लिए 1971 के युद्ध में शानदार जीत को याद करने के लिए विजय दिवस सबसे खास कार्यक्रम है। इसी युद्ध के बाद पाकिस्तान दो हिस्सों में बंट गया था। भारतीय सेना इसकी याद में हर साल 16 दिसंबर को विजय दिवस के रूप में मनाती है।

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