मां कैंटीन के वित्तीय आवंटन पर राज्यपाल और तृणमूल में ठनी

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Jagdeep Dhankhar
जगदीप धनखड़

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस में अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू की गई महत्वाकांक्षी “माँ कैंटीन” को लेकर ठन गई है। राज्यपाल ने वित्तीय आवंटन पर सवाल खड़ा किया है जिसे लेकर सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने राज्यपाल पर भारतीय जनता पार्टी की भाषा बोलने का आरोप लगाया है। शनिवार की सुबह राज्यपाल ने इस संबंध में एक पत्र ट्विटर पर डाला जो उन्होंने राज्य के वित्त विभाग के प्रधान सचिव को लिखा है।

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ट्विटर में राज्यपाल ने इस बात का जिक्र किया है कि राज्य सरकार ने माँ कैंटीन के लिए 100 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन की घोषणा की थी। एक अप्रैल 2021 से इस परियोजना को आधिकारिक तौर पर शुरू होना था लेकिन विधानसभा चुनाव से डेढ़ महीने पहले इस परियोजना को चालू कर दिया गया था। आखिर डेढ़ महीने तक इसके लिए वित्तीय आवंटन वित्त विभाग ने कैसे किया? इस संबंध में उन्होंने वित्त विभाग से जवाब मांगा है और पूछा है कि आधिकारिक शुरुआत से पहले ही राज्य सरकार ने कैसे इस योजना की फंडिंग की?

उन्होंने इसका जवाब नहीं मिलने को लेकर भी सवाल खड़ा किया और कहा कि संवैधानिक नियमानुसार राज्यपाल के पत्र के तुरंत बाद राज्य सरकार को इस पर जवाब देना चाहिए था। उन्होंने एक बार फिर वित्त विभाग के प्रधान सचिव को एक सप्ताह का वक्त देते हुए इस पर आधिकारिक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।

इसे लेकर तृणमूल कांग्रेस राज्यपाल पर हमलावर हो गई है। पार्टी के सांसद सौगत रॉय ने कहा है कि राज्य सरकार केवल विधानसभा में जवाबदेह है, वहीं पर जो भी जवाब देना है दिया जाएगा। राज्य सरकार में मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने भी राज्यपाल पर हमला बोला है। उन्होंने कहा है कि बंगाल के गरीब लोग पांच रुपये में भरपेट चावल दाल सब्जी अंडा खा रहे हैं जो राज्यपाल से बर्दाश्त नहीं हो रहा। चंद्रिमा ने कहा कि फरवरी महीने के बजट में ही माँ कैंटिन परियोजना की घोषणा हो गई थी। उसके बाद पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर काम शुरू किया गया था। राज्य सरकार ने कुल 485 माँ कैंटीन शुरू किया है।

सांसद महुआ मोइत्रा ने भी राज्यपाल पर हमला बोला है उन्होंने ट्विटर पर लिखा है कि राज्य सरकार माँ कैंटीन में गरीबों को स्वास्थ्यकर भोजन उपलब्ध करा रही है। केवल पांच रुपये में लोगों को भरपेट खाना दे रहे हैं जो राज्यपाल से देखा नहीं जा रहा। उन्होंने गवर्नर पर ही सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि आप राजभवन में जो चाय पार्टी का आयोजन करते हैं उसका हिसाब कब देंगे?

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