नयी दिल्ली : एयर इंडिया को टाटा समूह को आधिकारिक रूप से सौंपे जाने से पहले टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की।

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इस बीच सरकार ने टाटा समूह द्वारा एयर इंडिया के अधिग्रहण से पूर्व गैर-प्रमुख संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए राष्ट्रीय एयरलाइन और विशेष प्रयोजन इकाई ‘एआईएएचएल’ के बीच समझौते को अधिसूचित कर दिया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के नेतृत्व में बैंकों का एक कंसोर्टियम घाटे में चल रही एयर इंडिया के संचालन के लिए टाटा समूह को लोन देने पर राजी हो गया है।

दरअसल, हस्तांतरण प्रक्रिया से पहले निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने एयर इंडिया लिमिटेड और एआई एसेट्स होल्डिंग लिमिटेड (एआईएएचएल) के बीच में एयरलाइन की संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए हुए समझौते की रूपरेखा को अधिसूचित किया है। इसके तहत टाटा समूह जल्द ही सार्वजनिक क्षेत्र की एयरलाइन एयर इंडिया पर पूरा नियंत्रण प्राप्त कर लेगा। उल्लेखनीय है कि एक प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया तहत टाटा संस ने 25 अक्टूबर, 2021 को 18 हजार करोड़ रुपये में एयर इंडिया की बिक्री के लिए बोली की प्रक्रिया जीती थी।

उल्लेखनीय है कि सरकार ने एयर इंडिया की बिक्री के लिए टाटा समूह के साथ 18 हजार करोड़ रुपये में शेयर खरीद समझौता किया था। इस समझौते के तहत टाटा समूह 2,700 करोड़ रुपये नकद चुकाने के साथ एयरलाइन का 15,300 करोड़ रुपये का कर्ज भी वहन करेगा। इस सौदे में एयर इंडिया एक्सप्रेस और उसकी इकाई एआईएसएटीएस की बिक्री भी शामिल है। एआईएएचएल की स्थापना 2019 में एयर इंडिया समूह की ऋण और गैर-प्रमुख संपत्ति रखने के लिए की गई थी। एयर इंडिया की चार अनुषंगी इकाइयों में एयर इंडिया एयर ट्रांसपोर्ट सर्विसेस लिमिटेड, एयरलाइन अलाइड सर्विसेस लिमिटेड, एयर इंडिया इंजीनियरिंग सर्विसेस लिमिटेड और होटल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के साथ-साथ गैर प्रमुख संपत्तियों आदि को विशेष प्रयोजन इकाई में स्थानांतरित किया गया था।

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