बंगाल उपचुनाव की तैयारियां पूरी, चार सीटों पर कल होगा मतदान

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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के बाद कोरोना मामलों में वृद्धि के बीच चल रहे उपचुनाव में मतदान की सभी तैयारियां पूरी हो गई हैं। बंगाल में चार विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनाव के लिए 30 अक्टूबर अर्थात् कल मतदान होना है। चारों सीटों पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच मुकाबला होने के आसार हैं।

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बंगाल में कूचबिहार जिले के दिनहाटा, नदिया जिले के शांतिपुर, उत्तर 24 परगना के खरदह और दक्षिण 24 परगना के गोसाबा में उपचुनाव के लिए शनिवार को मतदान होना है। सभी चार जिले जहां उपचुनाव होंगे, वे बांग्लादेश सीमा के पास स्थित हैं। चूंकि इन सभी सीटों पर हिंदू बहुसंख्यक हैं, इसलिए भाजपा अपने प्रचार अभियान में इतिहास का जिक्र कर रही है और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हालिया हमलों पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

दिनहाटा विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 99 हजार 251 मतदाता हैं और यहां 6 उम्मीदवार मैदान में है। यहां उदयन गुहा (तृणमूल), अशोक मंडल (भाजपा) और अब्दुर रौफ (फॉरवर्ड ब्लॉक) चुनाव मैदान में हैं। पिछले चुनाव में भाजपा के निशीथ प्रमाणिक 57 मतों से जीते थे। इसी तरह शांतिपुर विधानसभा क्षेत्र में दो लाख 55 हजार 619 मतदाता हैं और यहां सात उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें निरंजन विश्वास (भाजपा), ब्रजकिशोर गोस्वामी (टीएमसी), सौमेन महतो (सीपीआई-एम), राजू पाल (कांग्रेस) के बीच मुकाबला है। पिछले चुनाव में जगन्नाथ सरकार (भाजपा) 15 हजार 878 मतों से जीते थे। खरदह विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 32 हजार 619 मतदाता हैं और यहां 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें शोभनदेव चट्टोपाध्याय (टीएमसी), जय साहा (भाजपा), देबज्योति दास (सीपीआईएम) प्रमुख हैं। पिछले चुनाव में काजल सिन्हा (टीएमसी) 28 हजार 140 वोटों से जीते थे लेकिन नतीजे आने से पहले कोरोना से उनकी मौत हो गई थी।

इसके अलावा गोसाबा (एससी) विधानसभा क्षेत्र में दो लाख 30 हजार 348 मतदाता हैं और 5 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें सुब्रत मंडल (टीएमसी), पलाश राणा (भाजपा), अनिल चंद्र मंडल (आरएसपी) के बीच मुकाबला है। पिछले चुनाव में जयंत नस्कर (टीएमसी) 23 हजार 709 वोटों से जीते थे लेकिन उनकी मौत के बाद उपचुनाव कराए जा रहे हैं। इनमें से दो निर्वाचन क्षेत्रों, दिनहाटा और शांतिपुर को मार्च-अप्रैल के चुनावों में भाजपा ने जीत लिया था, लेकिन विजेताओं ने अपनी लोकसभा सीटों को बरकरार रखने के लिए विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। बाकी दो में तृणमूल के विजयी उम्मीदवारों की मौत हो गई थी।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि दिनहाटा में सबसे कड़ा मुकाबला होगा क्योंकि उत्तर बंगाल में भाजपा तेजी से आगे बढ़ी है। पार्टी ने 2019 में क्षेत्र की आठ लोकसभा सीटों में से सात और उत्तर बंगाल के आठ जिलों में 54 विधानसभा सीटों में से 30 सीटें हासिल कीं। हालांकि भाजपा को बंगाल में 77 सीटें मिलीं, लेकिन अब उसके पास 71 विधायक रह गए हैं। जून से अब तक पांच तृणमूल में लौट आए हैं। सत्तारूढ़ दल ने मुर्शिदाबाद जिले में दो सीटें जीतकर अपनी संख्या बढ़ाकर 215 कर ली है।

 

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