राजीव कुमार सिन्हा
  • 30 सालों से वार्ड के निवासी झेल रहे बदहाली, जीत के साथ शुरू करूँगा विकास का काम
  • पूर्व पार्षद ने नहीं की ऐतिहासिक वार्ड की कद्र, अब बदलकर ही बदलाव सम्भव

कोलकाता : कोलकाता नगर निगम के चुनाव का शंखनाद हो चुका है और चुनावी मैदान में भाजपा, तृणमूल, वाममोर्चा, कांग्रेस आदि पार्टियों का चुनाव प्रचार भी जोरों से चल रहा है। मतदान की तिथि 19 दिसम्बर निर्धारित है।

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केएमसी चुनाव को लेकर सलाम दुनिया चुनावी मैदान में उतरे उम्मीदवारों से विशेष बातचीत कर उसे प्रकाशित कर रहा है।

पेश हैं वार्ड नंबर 41 के बीजेपी उम्मीदवार राजीव कुमार सिन्हा के साथ हुए बातचीत के प्रमुख अंश…

सालों से दुर्दशा का शिकार रहा है ऐतिहासिक वार्ड नंबर 41

केएमसी के वार्ड नंबर 41 से भाजपा उम्मीदवार राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि 41 नंबर वार्ड कोलकाता महानगर का ऐतिहासिक वार्ड है। यहां मार्बल पैलेस है, जहां विदेशी पर्यटक घूमने आते हैं, जिसे हम बोलचाल की भाषा में मल्लिक बाड़ी कहते हैं। हमारे वार्ड से सटे हुए इलाके में जोड़ासांको ठाकुरबाड़ी है, इससे गुरुदेव रविन्द्र नाथ टैगोर का अटूट संबंध ऐतिहासिक धरोहर है। एशिया की सबसे बड़ी फल मंडी मछुआ हमारे वार्ड में है। इन सब के बावजूद यह वार्ड सालों से दुर्दशा का शिकार है। वार्ड की दशा साल दर साल और भी बदत्तर होती चली गई। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि वार्ड की दुर्दशा की वजह से यहां के निवासियों को पलायन के लिए भी मजबूर होना पड़ा। आज भी यहां कचरे का अंबार अनायास ही नजर आ जाता है। जल जमाव की समस्या तो जैसे इस वार्ड का साथ छोड़ने का नाम ही नहीं ले रही है। वर्तमान समय में हालात ऐसे हैं कि वार्ड में कम से कम 100 लोग डेंगू व मलेरिया से पीड़ित मिल जाएंगे और इससे उनका स्वयं का घर भी अछूता नहीं है। उनका भतीजा स्वयं डेंगू के डंक की पीड़ा सह रहा है।

राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि कम शब्दों में कहें तो पूर्व पार्षद ने सालों तक इस वार्ड में लोगों का वोट पाकर जीत दर्ज की लेकिन उसके बदले वार्ड के लोगों के हाथ केवल निराशा ही लगी है। यहां लोगों की जरूरत की मूलभूत चीजें भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व पार्षद 5 सालों तक वार्ड के लोगों को नजर नहीं आती हैं लेकिन जैसे ही चुनाव की आहट मिलती है, उसके 4-5 महीने पहले से उनकी सक्रियता नजर आने लगती है। रास्तों को खोदने का काम शुरू कर दिया जाता है, जनसम्पर्क पर जोर दिया जाने लगता है लेकिन अब यह सब लोग समझ चुके हैं।

जिस पार्षद ने वार्ड को एक कॉम्युनिटी हॉल तक नहीं दिया, हर रास्ते पर एक सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं करवाई, उस पार्षद से आगे लोग क्या ही उम्मीद लगाएंगे।

अवैध पार्किंग वार्ड की बड़ी समस्या

राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि वार्ड में अवैध पार्किंग की समस्या चरम पर है। हल्की बारिश में जलजमाव तो आम बात है लेकिन उससे ज्यादा परेशानी अवैध पार्किंग से होती है। रविन्द्र भारती विश्वविद्यालय जैसे ऐतिहासिक स्थान के पास भी वाहनों की अवैध पार्किंग की जाती है। इस पर राज्य सरकार पूरी तरह से मौन है, जिसका खामियाजा वार्ड के लोग उठा रहे हैं।

हार के डर से पूर्व पार्षद ने बदली पार्टी

भाजपा उम्मीदवार ने सीधे-सीधे शब्दों में कहा कि पूर्व पार्षद को सत्तारूढ़ दल में रहकर जीतने की आदत लग चुकी है। इससे पहले माकपा के साथ उनका संबंध था और अब सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल के साथ। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर पूर्व पार्षद को लगता है कि उन्होंने वार्ड में काम किया है तो उनकी जीत तो ऐसे ही निश्चित थी तो फिर उन्होंने तृणमूल का दामन क्यों थाम लिया। इसका सीधा मतलब है कि उन्हें हार का डर है और उन्हें अपनी जीत तृणमूल के साथ ही दिख रही है।

मुझे नेता नहीं वार्ड के लोग बेटा की तरह दे रहे आशीर्वाद

भाजपा उम्मीदवार राजीव कुमार सिन्हा ने कहा कि वार्ड नंबर 41 महज एक वार्ड नहीं बल्कि उनका परिवार है। 2 साल की उम्र से वे उस वार्ड के निवासी हैं और वे उस वार्ड की समस्याओं और लोगों की मूलभूत जरूरतों को बेहद करीबी से जानते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि वे स्वर्गीय विधायक अनय गोपाल सिन्हा के पुत्र हैं और उनके पिता के सदकर्म ही हैं, जिसकी वजह से वे वार्ड में अपनी जीत को लेकर निश्चिंत हैं। उन्होंने कहा कि वे जिस घर में भी चुनाव प्रचार के लिए जा रहे हैं लोग उन्हें एक नेता की तरह नहीं बल्कि वार्ड के बेटा की तरह आशीर्वाद दे रहे हैं। लोगों का यह कहना है कि पिछली बार जो उन्हें चंद वोटों से हार का सामना करना पड़ा था, वह इस बार नहीं दोहराया जाएगा। सिन्हा ने कहा कि उन्होंने वार्ड के विकास को प्राथमिक रूप से ध्यान में रखते हुए चुनाव के मैदान में भाजपा के उम्मीदवार के रूप में कदम रखा है, इसके लिए मेहनत भी पूरी की है और आगे भी करेंगे। वार्ड के लोग वोट के रूप में वार्ड के बेटे को अपना आशीर्वाद देंगे इसकी उन्हें पूरी उम्मीद है।

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