देश-दुनिया के इतिहास में 07 जनवरी की तारीख तमाम अहम वजह से दर्ज है। इसी तारीख को 2015 में पेरिस में दो बंदूकधारियों ने व्यंग्य पत्रिका ‘चार्ली एब्दो’ के दफ्तर पर हमला किया। इस हमले में 12 लोगों की मौत हो गई थी। बंदूकधारियों ने संपादक स्टीफन चारबोनियर, नौ पत्रकारों और दो पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतार दिया था।

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कार्टूनिस्ट कोरीन रे उर्फ ‘कोको’ ने दफ्तर में डेस्क के नीचे छुपकर अपनी जान बचाई। उन्होंने दावा किया था कि हमलावर सधी हुई फ्रेंच भाषा बोल रहे थे और खुद को अलकायदा का बता रहे थे। बंदूकधारी पत्रिका में छपे पैगंबर मोहम्मद के कार्टून से नाराज थे। पत्रिका काफी समय से अपने कंटेंट की वजह से कट्टरपंथियों के निशाने पर थी।

‘चार्ली एब्दो’ सत्ता विरोधी व्यंग्य छापने के लिए मशहूर रही है। दक्षिणपंथी ईसाई, यहूदी और इस्लामिक मान्यताओं पर प्रहार करने को लेकर यह पत्रिका लंबे समय से विवादों में रही है। मगर पैगंबर मोहम्मद पर कार्टून बनाने के बाद से इसकी टीम को लगातार धमकियां मिल रही थीं। 2011 में इसके दफ्तरों पर पेट्रोल बम से हमला किया गया था।

2015 के हमले के बाद से इस पत्रिका का संचालन गुप्त ठिकाने से हो रहा है। अपने प्रकाशन से विवाद खड़ा करने के लंबे रिकॉर्ड वाली ‘चार्ली एब्दो’ का नया अंक भी चर्चा में है। पत्रिका ने दिसंबर में एक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन किया और दुनिया भर से कार्टूनिस्टों को ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के संदर्भ में सुप्रीम नेता अयातोल्ला अली खमेनेई के कार्टून भेजने को कहा। फ्रांस के न्यूजस्टैंड पर पत्रिका 4 जनवरी से बिकनी शुरू हुई है।

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