नयी दिल्ली : भारत के चंद्रयान-3 मिशन ने अपनी चंद्र अन्वेषण यात्रा में गुरुवार को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। प्रज्ञान रोवर को लेकर चल रहा अंतरिक्ष यान का ‘विक्रम’ लैंडर सफलतापूर्वक प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग हो गया। इससे मिशन एक कदम और आगे बढ़ गया। इसरो ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी।

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इसरो के ट्वीट में कहा गया – “चंद्रयान-3 मिशन: लैंडर मॉड्यूल (एलएम) ने कहा, ‘सवारी के लिए धन्यवाद, दोस्त!’ एलएम को प्रोपल्शन मॉड्यूल (पीएम) से सफलतापूर्वक अलग कर दिया गया है। कल लगभग शाम चार बजे पहले से तय गति कम करने के बाद एलएम थोड़ी निचली कक्षा में उतरने के लिए तैयार है।”

चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग से भारत दुनिया में ऐसी उपलब्धि हासिल करने वाला चौथा देश बन जाएगा। इससे पहले अमेरिका, रूस और चीन इस उपलब्धि को हासिल कर चुके हैं। चन्द्रयान-3 की विशेषता यह है कि यह भारत के प्राकृतिक उपग्रह के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा। कोई और अन्य देश अभी तक ऐसा नहीं कर सका है।

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